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Q :- पाप और पुण्य क्या है, क्या पृथ्वी से बहार भी इसकी कोई सज़ा है"?

 Q :- पाप और पुण्य क्या है, क्या पृथ्वी से बहार भी इसकी कोई सज़ा है"? 



Ans :- मैं आपको समझा सकता हूँ, पाप और पुण्य क्या है, पर उसके लिए आपको अपने मन से सारी पुराणी बातें निकालनी होंगी, तभी आप समझ पाएंगे, पाप और पुण्य का सम्बन्ध किसी परमात्मा से नहीं है, न ही हमारी आत्मा 84 लाख योनिओ में जाती है, पृथ्वी पर हर जीव का उतना ही हक़ है जितना एक मानव का और हर जीव के जीवन में सुख और दुःख दोनों हैं जैसे की एक मानव के जीवन में, पाप और पुण्य का सम्बन्ध सिर्फ और सिर्फ आपके समाज से, आपसे जुड़े हुए कुछ अन्य व्यक्तियों से और आपके देश के कानून से है, जिस चीज़ की सज़ा आपके देश में नहीं है, उस चीज़ की सज़ा आपको कही और भी नहीं मिलती, जैसे कि मान लो एक बच्चा जन्म लेते ही अपाहिज पैदा हो गया, तो इसका सम्बन्ध सिर्फ और सिर्फ उसकी माँ से है, ये उनकी गलती का नतीजा है, जैसे गलत दवाई खाने से, या कोई और गलत चीज़ खाने से, अब मान लो सरकार इसकी सज़ा घोषित कर दे की जिसका बच्चा अपाहिज पैदा होगा, उसको सज़ा दी जाएगी तब वो उनका पाप हो जायेगा पर अगर हमारे समाज और देश में इसके लिए सज़ा नही तो फिर कोई और सज़ा नही है आपके लिए, मान लो किसी व्यक्ति का हाथ कट गया काम करते हुए तो ये कोई कर्म का फल नही है उसका, ये उसकी लापरवाही का नतीजा है, उसका ध्यान हटा तो उसको उस चीज़ की सज़ा मिल गयी, हमारे देश में एक मुर्गे को खाने की इजाजत है पर हिरन को खाने की नहीं है, हिरन को मारोगे तो आपको सज़ा मिलेगी, सज़ा सिर्फ और सिर्फ हमसे जुड़ा हुआ हमारा समाज निर्धारित करता है, जैसे अब चीन की बात करे तो वहा पर आप किसी भी जानवर को खा सकते हो तो उनके लिए उस चीज़ का कोई सज़ा नही है तो उनके लिए उस चीज़ का कोई पाप भी नहीं है!


Q :- पिछले जन्म के कर्मो का फल सत्य या झूठ" ? 


Ans :- पहले के समय पर विज्ञान ज्यादा विकसित नहीं था, तब जब एक बच्चा बिना आँखों के पैदा होता था तब लोग बोलते थे की भगवान ने पिछले कर्मो का फल दिया है, पर अब विज्ञान इतना विकसित है की बच्चे की आंख को बदल देता है तो क्या अब इसके लिए आप ये कहेंगे कि भगवान ने तो उसे कर्मो का फल दिया था पर डॉ. ने बचे को भगवान द्वारा दिए गए उसके कर्मो के फल को भोगने नहीं दिया.... 🙏


Note:- आपका इतना मान ना ही भगवान को काल्पनिक प्रूफ करता है.. 🙏


                                     ( Shivam chawla )

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