Skip to main content

अमरनाथ की गुफा में बना हुआ बर्फ का पिंड भगवान नहीं

 स्वामी अग्निवेश ने कहा कि अमरनाथ की गुफा में बना हुआ बर्फ का पिंड भगवान नहीं है वह तो एक सीधी सादी वैज्ञानिक तौर पर समझने लायक चीज़ है 



अगर उतनी ऊंचाई पर इतने कम तापमान पर गुफा की छत से पानी टपकेगा तो पिंड के रूप में जमेगा ही  


उसकी पूजा करना उस यात्रा के दौरान कई लोगों का हर साल मर जाना


यात्रा के लिए सेना लगाना अंधविश्वास है 


इतना बोलते ही हिंदुत्व के नाम पर भारत में बच्चों और युवाओं को मूर्ख बनाने वाले गुंडे सक्रीय हो गये 


स्वामी अग्निवेश का गला काट कर लाने वाले को दस लाख रूपये के इनाम की घोषणा कर दी गई 


स्वामी अग्निवेश के खिलाफ एफआईआर की झड़ी लग गई 


दो दो जिला अदालतों ने उनके खिलाफ वारंट निकाल दिए 


ठीक जैसे जब ब्रूनो ने कहा कि बाइबिल में गलत लिखा है कि सूर्य पृथ्वी के चारों तरफ घूमता है 


सत्य यह है कि पृथ्वी ही सूर्य के चरों तरफ घूमती है 


इस बात पर चर्च के पादरियों ने ब्रूनों को जिंदा जला दिया था 


आज हम ईसाईयों की इस बात के लिए आलोचना करते हैं 


लेकिन खुद अंधविश्वास में डूबे रहकर सच बोलने वाले का गला काटने की घोषणा करने में गर्व महसूस करते हैं 


अमरनाथ जैसी गुफा आस्ट्रिया में इससे भी बड़ी बड़ी है 


लेकिन वहाँ के लोग उसे भगवान नहीं मानते 


ना वैज्ञानिक तथ्य बताने वाले का गला काटने पर इनाम की घोषणा करते हैं 


या तो बच्चों की पढ़ाई में से विज्ञान निकाल दो 


या विज्ञान की बात बोलने वालों की हत्या की घोषणा करना बंद कर दो 


अगर मूर्ख ज़ाहिल और क्रूर ही बने रहना है और खून बहाना है 


तो कम से कम बच्चों को तो बख्श दो 


इन्हें तो अक्ल की बात सीख कर दुनिया को बेहतर बनाने दो


Comments

Popular posts from this blog

साइमन कमीशन पर एक सच्चाई जो हमारे सामने गलत रूप से पेश की गई!

 साइमन कमीशन पर एक सच्चाई जो हमारे सामने गलत रूप से पेश की गई!                                            भारत में आज तक ये ही पढ़ाया गया था, कि गांधी ने साइमन कमीशन का विरोध किया!  लेकिन ये नहीं पढ़ाया जाता कि तीन शख्स थे जिन्होंने साइमन कमीशन का स्वागत किया!   इन तीनो शख्सो के नाम निम्न है - 1- सर छोटूराम जी, जो पंजाब से थे 2- एससी से डॉक्टर बाबा सहाब अम्बेडकर जी, जो महाराष्ट्र से थे! 3- ओबीसी से शिव दयाल चौरसिया जी, जो यूपी से थे!    अब सवाल ये उठता है कि गांधी ने साइमन का विरोध क्यों किया?  क्योंकि 1917 में अंग्रेजो ने एक एक कमेटी का गठन किया था, जिसका नाम था साउथ बरो कमिशन!  जो कि भारत के शूद्र अति शूद्र अर्थात आज की भाषा में एससी एसटी और ओबीसी के लोगों की पहचान कर उन्हें हर क्षेत्र में अलग अलग प्रतिनिधित्व दिया जाए और हजारों सालों से वंचित इन 85% लोगों को हक अधिकार देने के लिए बनाया गया था!  उस समय ओबीसी की तरफ से शाहू महाराज ने भास्...

अशोक चक्र " का जब issue उठा तब।

 🇮🇳"अशोक चक्र " के लिए बाबासाहब ने बहुत Struggle किया है। .. " अशोक चक्र " का जब issue उठा तब। पूरी Parliament में हंगामा शुरू था। .. पूरी Parliament दनदना गयी थी।..   पहले राष्ट्रध्वज का कलर बनाने के लिए बाबासाहब ने " पेंगाली वेंकैय्या " को चुना था। ...पेंगाली वेंकैय्या को कलर के बारे में जनाकारी थी। ... उनका संवैधानिक चयन बाबासाहब ने किया था। ,.. पेंगाली वेंकैय्या ने ध्वज का कलर तो बनाया लेकिन वो कलर ऊपर निचे थे ... मतलब सफ़ेद रंग सबके ऊपर , फिर ऑरेंज और फिर हरा। ...  बाबासाहब ने सोचा , अगर अशोक चक्र हम रखे तो वो नीले रंग में होना चाहिए , और झंडे के बिच में होना चाहिए  ... ऑरेंज रंग पे " अशोक चक्र " इतना खुल के नहीं दिखेगा। ... बाबासाहब ने सोचा , अगर सफ़ेद रंग को बिच में रखा जाए जो की शांति का प्रतिक है , उसपर अशोक चक्र खुल के भी दिखेगा। .. और शांति के प्रतिक सफ़ेद रंग पे बुद्ध के शांति सन्देश का अशोक चक्र उसका मतलब बहुत गहरा होगा। ...  इसलिए बाबासाहब ने वो कलर ठीक से सेट किये। .. और सफ़ेद रंग बिच में रखा ताकि उसके ऊपर " अशोक चक्र  रखा जाए। ...

तीन शख्स थे जिन्होंने साइमन कमीशन का स्वागत किया था

 जो लोग साइमन कमीशन की सही जानकारी नही रखते और गांधी को हीरो समझते है वो सुनले समझले *साइमन कमीशन की हकीकत ।* *हमें आज तक यही  पढ़ाया गया था, कि गांधी ने साइमन कमीशन का विरोध किया था ,, लेकिन यह  नहीं पढ़ाया जाता कि तीन शख्स थे जिन्होंने साइमन कमीशन का स्वागत भी  किया था ।।* *इन तीन शख्स के नाम निम्न है -* *1- ओबीसी से चौधरी सर छोटूराम जी। जो पंजाब से थे।* *2- एससी से डॉक्टर बी आर अम्बेडकर। जो मध्यप्रदेश  से थे।* *3- ओबीसी शिव दयाल चौरसिया जो यूपी से थे।।* *अब सवाल ये उठता है कि गांधी ने साइमन का विरोध क्यों किया?*   *क्योंकि 1917 में अंग्रेजो ने एक एक कमेटी का गठन किया था,, जिसका नाम था साउथ बरो कमिशन,, जो कि भारत के शूद्र अति शूद्र अर्थात आज की भाषा में एससी एसटी और ओबीसी के लोगों की पहचान कर उन्हें हर क्षेत्र में अलग अलग प्रतिनिधित्व दिया जाए,, और हजारों सालों से वंचित इन 85% लोगों को हक अधिकार देने के लिए बनाया गया था,, उस समय ओबीसी की तरफ से शाहू महाराज ने भास्कर राव जाधव को,, और एससी एसटी की तरफ से डॉक्टर अम्बेडकर को इस कमीशन के समक्ष अपनी मांग रखने क...