Skip to main content

मुंबई के कुर्ला में ट्विटर ऑफिस पर भीम आर्मी पहुंची



मुंबई के कुर्ला में ट्विटर ऑफिस पर भीम आर्मी पहुंची


आज भीम आर्मी मुंबई की टीम ने पूरा दिन जातिवादी @TwitterIndia के ऑफिस को बंद करके रखा और काम नही होने दिया। टीम शाम को ऑफिस से बाहर निकली उनको एक दिन का समय दिया है ओर कहा वरना परसों को ट्विटर के मुंबई और दिल्ली दोनों ऑफिस पर तालेबंदी कर दी जाएगी।






ट्विटर इंडिया के मुंबई ऑफिस में #BhimArmy के डेलिगेशन के साथ वार्ता करते ट्विटर के अधिकारी. आज ट्विटर के मुंबई ऑफिस में कोई काम नहीं हो पाया. भीम आर्मी के कार्यकर्ता वहां लगातार मौजूद रहे. ट्विटर ने 24 घंटे के अंदर सुधार करने का वादा किया है. 

भीम आर्मी की ट्विटर के अधिकारियों के साथ दूसरे चरण की मीटिंग शुरू होने पर ट्विटर के अधिकारियों ने अपनी गलती मानी।








दिलीप मंडल ने बताया कि 
ए भाई @TwitterIndia,
पागल हो गए हो क्या? प्रो @ratanlal72 ने  अपने टीचर के लिए ब्लड डोनेशन की अपील की थी. सहमति से नंबर शेयर किया. उसे बहाना बना आपने दलित चिंतक डॉ. रतन लाल पर कलरोक लगा दी. दंगाइयों और नफरती चिंटुओं पर कभी लगाई पाबंदी?



#RemoveBlueTickOfDilipMandal ट्रैंड  कर रहा है. हटा दो. हम तो आपकी सदियों की नफरत का सार्वजनिक तमाशा देखना चाहते हैं. 500 अराजनीतिक बहुजनों को ट्विटर ने  वेरिफाई न किया तो मैं खुद ही हटा दूंगा अपना ब्लू टिक. लिस्ट जारी करे ट्विटर.

ओर कहा
बात ब्लू टिक या वेरिफिकेशन की नहीं है. मैंने अपने वेरिफिकेशन के लिए ट्विटर से न कभी कहा न कहूंगा. लेकिन ये सवाल अपनी जगह पर है कि प्रकाश आंबेडकर, भीम आर्मी चीफ, वामन मेश्राम, अली अनवर, किरोड़ी लाल मीणा, प्रो विवेक कुमार... वेरिफाई क्यों नहीं हैं 

मैं ऐसे कई सवर्ण लोगों को जानता हूं जिन्हें 300 से ज्यादा फॉलोवर होने पर ट्विटर ने वेरिफाई किया है. ट्विटर एक स्टैंडर्ड सेट करे और उससे ज्यादा फॉलोवर होने पर आईडी लेकर ब्लू टिक दे. स्टैंडर्ड सब के लिए समान हो. बेईमानी बंद हो.

तीन घंटे के लिए ट्रेंड करें #verifySCSTOBCMinority


"शट डाउन कास्टिस्ट ट्विटर" ट्रैंड कराने के लिए सही दिन और समय क्या होगा?

ट्विटर का धंधा इसी की वजह से तो चल रहा है कि हमारे लोग यहां भीड़ बनाकर मौजूद हैं. वो चाहते हैं कि हम सिर्फ भीड़ बनकर दूसरों के लिए "वाह सरजी" करें. फॉलो और लाइक करें.



दिलीप मंडल ने डायरेक्टर पा रंजीत के ट्विटर अकाउंट के वेरीफाइड ना होने पर भी सवाल उठाए कहा

काला और कबाली जैसी फिल्मों से दुुनिया में धूम मचाने वाले डायरेक्टर pa. रंजीत @beemji आंबेडकरवादी हैं. इसके अलावा उनके एकाउंट को वेरिफाई न किए जाने की क्या वजह हो सकती है. देश का सबसे सफल डायरेक्टर है. 8 लाख फॉलोवर हैं.

जातिवादी हैं ट्विटर के लोग. 



Comments

Popular posts from this blog

साइमन कमीशन पर एक सच्चाई जो हमारे सामने गलत रूप से पेश की गई!

 साइमन कमीशन पर एक सच्चाई जो हमारे सामने गलत रूप से पेश की गई!                                            भारत में आज तक ये ही पढ़ाया गया था, कि गांधी ने साइमन कमीशन का विरोध किया!  लेकिन ये नहीं पढ़ाया जाता कि तीन शख्स थे जिन्होंने साइमन कमीशन का स्वागत किया!   इन तीनो शख्सो के नाम निम्न है - 1- सर छोटूराम जी, जो पंजाब से थे 2- एससी से डॉक्टर बाबा सहाब अम्बेडकर जी, जो महाराष्ट्र से थे! 3- ओबीसी से शिव दयाल चौरसिया जी, जो यूपी से थे!    अब सवाल ये उठता है कि गांधी ने साइमन का विरोध क्यों किया?  क्योंकि 1917 में अंग्रेजो ने एक एक कमेटी का गठन किया था, जिसका नाम था साउथ बरो कमिशन!  जो कि भारत के शूद्र अति शूद्र अर्थात आज की भाषा में एससी एसटी और ओबीसी के लोगों की पहचान कर उन्हें हर क्षेत्र में अलग अलग प्रतिनिधित्व दिया जाए और हजारों सालों से वंचित इन 85% लोगों को हक अधिकार देने के लिए बनाया गया था!  उस समय ओबीसी की तरफ से शाहू महाराज ने भास्...

अशोक चक्र " का जब issue उठा तब।

 🇮🇳"अशोक चक्र " के लिए बाबासाहब ने बहुत Struggle किया है। .. " अशोक चक्र " का जब issue उठा तब। पूरी Parliament में हंगामा शुरू था। .. पूरी Parliament दनदना गयी थी।..   पहले राष्ट्रध्वज का कलर बनाने के लिए बाबासाहब ने " पेंगाली वेंकैय्या " को चुना था। ...पेंगाली वेंकैय्या को कलर के बारे में जनाकारी थी। ... उनका संवैधानिक चयन बाबासाहब ने किया था। ,.. पेंगाली वेंकैय्या ने ध्वज का कलर तो बनाया लेकिन वो कलर ऊपर निचे थे ... मतलब सफ़ेद रंग सबके ऊपर , फिर ऑरेंज और फिर हरा। ...  बाबासाहब ने सोचा , अगर अशोक चक्र हम रखे तो वो नीले रंग में होना चाहिए , और झंडे के बिच में होना चाहिए  ... ऑरेंज रंग पे " अशोक चक्र " इतना खुल के नहीं दिखेगा। ... बाबासाहब ने सोचा , अगर सफ़ेद रंग को बिच में रखा जाए जो की शांति का प्रतिक है , उसपर अशोक चक्र खुल के भी दिखेगा। .. और शांति के प्रतिक सफ़ेद रंग पे बुद्ध के शांति सन्देश का अशोक चक्र उसका मतलब बहुत गहरा होगा। ...  इसलिए बाबासाहब ने वो कलर ठीक से सेट किये। .. और सफ़ेद रंग बिच में रखा ताकि उसके ऊपर " अशोक चक्र  रखा जाए। ...

तीन शख्स थे जिन्होंने साइमन कमीशन का स्वागत किया था

 जो लोग साइमन कमीशन की सही जानकारी नही रखते और गांधी को हीरो समझते है वो सुनले समझले *साइमन कमीशन की हकीकत ।* *हमें आज तक यही  पढ़ाया गया था, कि गांधी ने साइमन कमीशन का विरोध किया था ,, लेकिन यह  नहीं पढ़ाया जाता कि तीन शख्स थे जिन्होंने साइमन कमीशन का स्वागत भी  किया था ।।* *इन तीन शख्स के नाम निम्न है -* *1- ओबीसी से चौधरी सर छोटूराम जी। जो पंजाब से थे।* *2- एससी से डॉक्टर बी आर अम्बेडकर। जो मध्यप्रदेश  से थे।* *3- ओबीसी शिव दयाल चौरसिया जो यूपी से थे।।* *अब सवाल ये उठता है कि गांधी ने साइमन का विरोध क्यों किया?*   *क्योंकि 1917 में अंग्रेजो ने एक एक कमेटी का गठन किया था,, जिसका नाम था साउथ बरो कमिशन,, जो कि भारत के शूद्र अति शूद्र अर्थात आज की भाषा में एससी एसटी और ओबीसी के लोगों की पहचान कर उन्हें हर क्षेत्र में अलग अलग प्रतिनिधित्व दिया जाए,, और हजारों सालों से वंचित इन 85% लोगों को हक अधिकार देने के लिए बनाया गया था,, उस समय ओबीसी की तरफ से शाहू महाराज ने भास्कर राव जाधव को,, और एससी एसटी की तरफ से डॉक्टर अम्बेडकर को इस कमीशन के समक्ष अपनी मांग रखने क...