Skip to main content

KBC 11 में अमिताभ बच्‍चन, सहवाग के सामने रो पड़ीं हिमा दास, कहा- मां बीमार थी और मैं देश के लिए खेल रही थी

KBC 11 में अमिताभ बच्‍चन, सहवाग के सामने रो पड़ीं हिमा दास, कहा- मां बीमार थी और मैं देश के लिए खेल रही थी

अमिताभ बच्‍चन की मेजबानी वाले इस शो में हिमा दास (Hima Das) केबीसी कर्मवीर (KBC Karmveer) एपिसोड के तहत नजर आईं. इसमें उन्‍होंने वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) के साथ मिलकर पैसे भी जीते और अपने करियर के बारे में भी बात की.

Bhimarmyno1
मुंबई. युवा ए‍थलीट हिमा दास (Hima Das) शुक्रवार को दुती चंद (Dutee Chand) और वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) के साथ कौन बनेगा करोड़पति 11 में शामिल हुईं. अमिताभ बच्‍चन (Amitabh Bachchan) की मेजबानी वाले इस शो में वह केबीसी (KBC) कर्मवीर एपिसोड के तहत नजर आईं. इसमें उन्‍होंने सहवाग के साथ मिलकर पैसे भी जीते और अपने करियर के बारे में भी बात की. हिमा, दुती और सहवाग ने शो में साढ़े 12 लाख रुपये जीते. आईएएएफ वर्ल्ड अंडर 20 चैंपियनशिप में गोल्‍ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट हिमा दास का बचपन काफी गरीबी में बिता था. उनके पास रेस वाले जूते भी नहीं हुआ करते थे, लेकिन बाद में अपने खेल से उन्‍होंने न केवल नाम कमाया बल्कि आज वह एडिडास जैसी स्‍पोर्ट्स का सामान बनाने वाली कंपनी की ब्रैंड एंबेसेडर भी हैं.
हिमा दास अभी पीठ की चोट के चलते रेसिंग ट्रैक से दूर हैं. उन्‍होंने केबीसी में बताया कि वह जल्‍द ही इस चोट से उबर जाएंगी और वापसी करेंगी. अगले साल टोक्‍यो में होने वाले ओलिंपिक खेलों में जगह बनाने की तैयारी करेंगे. हिमा दास पिछले दिनों यूरोप में तैयारी कर रही थीं और वहां उन्‍होंने कुछ ही दिनों में कई गोल्‍ड मेडल जीते थे.
टोक्यो ओलिंपिक को लेकर हिमा दास से देश को काफी उम्मीदें हैं. (फाइल फोटो)
अपने परिवार की बात होने पर हिमा दास ने बताया कि उनकी मां बीमार थी लेकिन वह उनके पास नहीं थीं, क्‍योंकि वह देश के लिए बाहर गई हुई थी. वह इंडिया का नाम ऊंचा करना चाहती थी इसलिए खेल रही थी. पीछे मां बीमारी से जूझ रही थी. ऐसा कहते हुए वह रोने लगीं. यह देखकर सहवाग और बिग बी भी इमोशनल हो गए.
हिमा दास ने बताया कि वह खेल की दुनिया में इंडिया का तिरंगा लहराना चाहती हैं. जब भी उन्‍हें इंडिया का नाम सुनाई देता है तो काफी गर्व होता है. इस दौरान हिमा दास ने अमिताभ बच्‍चन से पूछा कि आप इस उम्र में इतना काम कैसे कर लेते हैं तो बिग बी झेंप गए, लेकिन बाद में संभलते हुए उन्‍होंने कहा कि काम करते रहने से प्रेरणा मिलती है. वहीं सीनियर बच्‍चन ने भी खेल से जुड़ा एक वाकया बताया कि जब पीटी ऊषा 1984 के लॉस एंजिल्‍स ओलिंपिक खेलों में फाइनल में हिस्‍सा ले रही थीं तब वे स्‍टेडियम में मौजूद थे. पूरे स्‍टेडियम में केवल दो ही भारतीय थे

Comments

Popular posts from this blog

अशोक चक्र " का जब issue उठा तब।

 🇮🇳"अशोक चक्र " के लिए बाबासाहब ने बहुत Struggle किया है। .. " अशोक चक्र " का जब issue उठा तब। पूरी Parliament में हंगामा शुरू था। .. पूरी Parliament दनदना गयी थी।..   पहले राष्ट्रध्वज का कलर बनाने के लिए बाबासाहब ने " पेंगाली वेंकैय्या " को चुना था। ...पेंगाली वेंकैय्या को कलर के बारे में जनाकारी थी। ... उनका संवैधानिक चयन बाबासाहब ने किया था। ,.. पेंगाली वेंकैय्या ने ध्वज का कलर तो बनाया लेकिन वो कलर ऊपर निचे थे ... मतलब सफ़ेद रंग सबके ऊपर , फिर ऑरेंज और फिर हरा। ...  बाबासाहब ने सोचा , अगर अशोक चक्र हम रखे तो वो नीले रंग में होना चाहिए , और झंडे के बिच में होना चाहिए  ... ऑरेंज रंग पे " अशोक चक्र " इतना खुल के नहीं दिखेगा। ... बाबासाहब ने सोचा , अगर सफ़ेद रंग को बिच में रखा जाए जो की शांति का प्रतिक है , उसपर अशोक चक्र खुल के भी दिखेगा। .. और शांति के प्रतिक सफ़ेद रंग पे बुद्ध के शांति सन्देश का अशोक चक्र उसका मतलब बहुत गहरा होगा। ...  इसलिए बाबासाहब ने वो कलर ठीक से सेट किये। .. और सफ़ेद रंग बिच में रखा ताकि उसके ऊपर " अशोक चक्र  रखा जाए। ...

Babu gautam

Babu gautam Bheem Army Club 📘

यह एक इंटरनल फ्लेम झरना है , ये न्यूयोर्क के चेस्टनेट रिज पार्क में स्थित है।

 यदि यह स्थल न्यूयॉर्क में न होकर भारत मे होता तो भारत के धार्मिक ठेकेदारों ने इसे किसी माताजी की अखंड ज्योत घोषित कर उसे बाबा अमरनाथ की तरह अपने धंधे का साधन बना दिया होता । यह एक इंटरनल फ्लेम झरना है , ये न्यूयोर्क के चेस्टनेट रिज पार्क में स्थित है। इस की विशेषता यह है कि यहाँ साल भर पानी बहता रहता है और उसके नीचे एक लौ लगातार जलती रहती है। ऐसा प्राकृतिक मीथेन गैस की वजह से होता है। पर वहाँ के लोग जानते हैं कि धरती में मौजूद प्राकृतिक गैस का रिसाव होने से यह होता है, उसमे कोई चमत्कार नहीं है। भारत में भी हिमाचल के कांगड़ा में स्थित माता के एक प्रमुख शक्ति पीठ ज्वालामुखी देवी के मंदिर में प्राकृतिक ज्वाला प्राचीन काल से लगातार जल रही है। भारत मे हजारो सालों से लोगों को धर्म के नाम पे बेवकूफ बनाया गया है। विज्ञान को भगवान का जादू चमत्कार बताकर लोगो से पैसे ठग कर मानसिक विकलांग बनाया गया है।  स्थानीय लोग इसे दैवीय चमत्कार मानते हैं। इसको लेकर कई किवदंतियां भी प्रचलित हैं। कुछ लोगों के मुताबिक यह लौ उस समय बुझेगी, जब धरती पर महाप्रलय जैसी कोई आपदा आने वाली होगी। इस झरने को देखने...