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अशोक चक्र " का जब issue उठा तब।

 🇮🇳"अशोक चक्र " के लिए बाबासाहब ने बहुत Struggle किया है। .. " अशोक चक्र " का जब issue उठा तब। पूरी Parliament में हंगामा शुरू था। .. पूरी Parliament दनदना गयी थी।..   पहले राष्ट्रध्वज का कलर बनाने के लिए बाबासाहब ने " पेंगाली वेंकैय्या " को चुना था। ...पेंगाली वेंकैय्या को कलर के बारे में जनाकारी थी। ... उनका संवैधानिक चयन बाबासाहब ने किया था। ,.. पेंगाली वेंकैय्या ने ध्वज का कलर तो बनाया लेकिन वो कलर ऊपर निचे थे ... मतलब सफ़ेद रंग सबके ऊपर , फिर ऑरेंज और फिर हरा। ...  बाबासाहब ने सोचा , अगर अशोक चक्र हम रखे तो वो नीले रंग में होना चाहिए , और झंडे के बिच में होना चाहिए  ... ऑरेंज रंग पे " अशोक चक्र " इतना खुल के नहीं दिखेगा। ... बाबासाहब ने सोचा , अगर सफ़ेद रंग को बिच में रखा जाए जो की शांति का प्रतिक है , उसपर अशोक चक्र खुल के भी दिखेगा। .. और शांति के प्रतिक सफ़ेद रंग पे बुद्ध के शांति सन्देश का अशोक चक्र उसका मतलब बहुत गहरा होगा। ...  इसलिए बाबासाहब ने वो कलर ठीक से सेट किये। .. और सफ़ेद रंग बिच में रखा ताकि उसके ऊपर " अशोक चक्र  रखा जाए। ...

Babu gautam

Babu gautam Bheem Army Club 📘

यह एक इंटरनल फ्लेम झरना है , ये न्यूयोर्क के चेस्टनेट रिज पार्क में स्थित है।

 यदि यह स्थल न्यूयॉर्क में न होकर भारत मे होता तो भारत के धार्मिक ठेकेदारों ने इसे किसी माताजी की अखंड ज्योत घोषित कर उसे बाबा अमरनाथ की तरह अपने धंधे का साधन बना दिया होता । यह एक इंटरनल फ्लेम झरना है , ये न्यूयोर्क के चेस्टनेट रिज पार्क में स्थित है। इस की विशेषता यह है कि यहाँ साल भर पानी बहता रहता है और उसके नीचे एक लौ लगातार जलती रहती है। ऐसा प्राकृतिक मीथेन गैस की वजह से होता है। पर वहाँ के लोग जानते हैं कि धरती में मौजूद प्राकृतिक गैस का रिसाव होने से यह होता है, उसमे कोई चमत्कार नहीं है। भारत में भी हिमाचल के कांगड़ा में स्थित माता के एक प्रमुख शक्ति पीठ ज्वालामुखी देवी के मंदिर में प्राकृतिक ज्वाला प्राचीन काल से लगातार जल रही है। भारत मे हजारो सालों से लोगों को धर्म के नाम पे बेवकूफ बनाया गया है। विज्ञान को भगवान का जादू चमत्कार बताकर लोगो से पैसे ठग कर मानसिक विकलांग बनाया गया है।  स्थानीय लोग इसे दैवीय चमत्कार मानते हैं। इसको लेकर कई किवदंतियां भी प्रचलित हैं। कुछ लोगों के मुताबिक यह लौ उस समय बुझेगी, जब धरती पर महाप्रलय जैसी कोई आपदा आने वाली होगी। इस झरने को देखने...